



“आरक्षण हमारा संवैधानिक अधिकार, अब गांव-गांव पहुंचेगा निषाद आरक्षण संकल्प अभियान”
सोनभद्र। विकासशील इंसान पार्टी के संस्थापक एवं बिहार सरकार के पूर्व मंत्री मुकेश साहनी ने आज सोनभद्र में आयोजित प्रेस वार्ता एवं मीडिया संवाद में “निषाद आरक्षण संकल्प अभियान” को पूरे उत्तर प्रदेश में और व्यापक स्तर पर चलाने की घोषणा की। इस कार्यक्रम में उन्होंने कहा निषाद समाज के आरक्षण सहित हक-अधिकार के लिए लोकतांत्रिक और संगठित तरीके से संघर्ष निरंतर जारी रहेगा। उत्तर प्रदेश में निषाद समाज को उसके संवैधानिक अधिकार और एससी आरक्षण दिलाने के लिए व्यापक जनजागरण अभियान चलाया जा रहा है।अगले वर्ष की शुरुआत तक 50 लाख से अधिक लोगों को हाथ में गंगाजल लेकर आरक्षण के लिए संकल्पित करने का लक्ष्य को केवल एक संकल्प अभियान नहीं, बल्कि अपने हक-अधिकार और आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य के लिए लिया गया दृढ़ संकल्प बताया। जिले के अपने दौरे में मुकेश सहनी ने कहा कि समाज के लोगों के साथ रोज अत्याचार और अन्याय की घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि पीड़ितों को न्याय दिलाना और समाज के अधिकारों की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है।
मंत्री संजय निषाद ने मछुआ समाज को बेचा
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री डॉ. संजय निषाद की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि वे सरकार में रहते हुए निषाद समाज को उसके अधिकार और आरक्षण नहीं दिला पा रहे हैं, तो उन्हें सरकार से इस्तीफा देकर विपक्ष की भूमिका में आकर समाज के अधिकारों की लड़ाई लड़नी चाहिए। मुकेश साहनी ने कहा कि निषाद समाज को केवल चुनाव के समय किए जाने वाले वादों की जरूरत नहीं है। समाज को बेहतर शिक्षा, रोजगार, आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं, आर्थिक अवसर और राजनीतिक भागीदारी चाहिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे गांव-गांव और घर-घर जाकर समाज के लोगों को जागरूक करें तथा गंगाजल हाथ में लेकर आरक्षण के लिए संकल्प दिलाएं। अभियान को प्रत्येक गांव, टोले, परिवार और बूथ तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले निषाद समाज को उसका संवैधानिक एससी आरक्षण नहीं मिलता है, तो समाज को अपने लोकतांत्रिक अधिकार और वोट की ताकत के प्रति जागरूक किया जाएगा।
लड़ाई अधिकार,न्याय व राजनितिक भागीदारी की
मुकेश सहनी ने स्पष्ट किया कि “यह लड़ाई किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं, बल्कि निषाद समाज के संवैधानिक अधिकार, सामाजिक न्याय, सम्मान और राजनीतिक भागीदारी के लिए है।” समाज में शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए वीआईपी प्रमुख ने कहा “एक रोटी कम खाइए, लेकिन अपने बच्चों को जरूर पढ़ाइए। बच्चों को शिक्षित और काबिल बनाइए, क्योंकि शिक्षित समाज ही अपने अधिकारों की रक्षा कर सकता है। समाज की राजनीतिक ताकत तभी मजबूत होगी जब प्रत्येक परिवार अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से गांव, विधानसभा और बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने तथा युवाओं को जनजागरण अभियान से जोड़ने का आह्वान किया।उन्होंने कहा कि पिछले कई दिनों से उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में पार्टी के संवाद एवं कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से निषाद समाज के बीच आरक्षण, संविधान, सामाजिक न्याय और राजनीतिक भागीदारी को लेकर जागरूकता पैदा की जा रही है। मुकेश सहनी ने कहा कि गंगाजल के साथ लिया जा रहा संकल्प अब किसी एक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहेगा। यह अभियान पूरे उत्तर प्रदेश में गांव-गांव, घर-घर और बूथ स्तर तक चलाया जाएगा। पार्टी कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए मुकेश साहनी ने कहा एक एक कार्यकर्ता प्रत्येक परिवार तक पहुंचकर समाज को जागरूक करेंगे और निषाद समाज के संवैधानिक अधिकार तथा आरक्षण की मांग को जन-जन की आवाज बनाएंगे। वीआईपी प्रमुख ने कहा कि “यह केवल राजनीतिक अभियान नहीं, बल्कि सामाजिक जागरण और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की लड़ाई है। निषाद समाज को शिक्षा, संगठन और राजनीतिक भागीदारी के माध्यम से मजबूत बनाना इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य है।” विकासशील इंसान पार्टी संविधान और लोकतंत्र में पूर्ण विश्वास रखती है तथा निषाद समाज के संवैधानिक अधिकार, सामाजिक न्याय और आरक्षण की मांग को लेकर लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से संघर्ष जारी रखेगी।उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि “निषाद आरक्षण संकल्प अभियान” को पूरी मजबूती के साथ आगे बढ़ाएं और प्रत्येक गांव, टोले तथा परिवार तक पहुंचकर समाज को अपने अधिकारों के लिए संगठित करें।
